मेरी चुत चुदाई कहानी के पहले भागअपने पति के दोस्त से चुदी – 1में आपने पढ़ा कि मैं अपने पति से साथ मूड बना कर डिस्को आई. वोद्का के पेग पीने के बाद मेरा मूड सेक्स का होने लगा. तभी मेरे पति के दस्त मिल गए.अब आगे:
वो बोला- अजी हुज़ूर जाना तो सबने है, पर जाने से पहले अगर दो खूबसूरत लोग आपस में कुछ प्यार मोहब्बत कर लें, तो किसी को क्या दिक्कत है?इरादे तो मैं उसके पहले से जानती थी, मगर मैं तो खुद हरामीपने पे उतरी हुई थी, मैंने भी जानबूझ कर अपना कमजोर दाँव फेंका- देखो, प्लीज़ मुझे जाने दो, मैं शादीशुदा सीधी सादी औरत हूँ, मेरे पति नीचे मुझे देख रहे होंगे।मैं दरवाजे की तरफ बढ़ी तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया- कहाँ जाती हो प्रीति, इधर आओ!
और उसने जो खींचा और मुझे सीधा बेड पे गिरा दिया।जैसे ही मैं बेड पे गिरी तो मेरी टाँगें खुली और मेरी स्कर्ट के अंदर उसने सब कुछ देख लिया।मैं सिमट कर बेड पे बैठ गई।
वो आकर मेरे पास बैठ गया और बोला- बात सुनो यार, देखो तुम भी नीचे से पेंटी पहन कर नहीं आई, मतलब तुम भी मूड बना कर आई हो, तुम्हारा पति तुम जैसे खूबसूरत और सेक्सी औरत को छोड़ कर किसी और रंडी को चोद रहा है, तो तुम्हें क्या दिक्कत है, तुम भी मज़े कर लो।
मैं चुप रही तो वो उठ कर खड़ा हुआ और फिर से बोला- देखो प्रीति, मैं अपने कपड़े उतारने जा रहा हूँ, तुम मुझे एक बार देख लो, अगर मन न किया तो मैं तुमसे ज़बरदस्ती नहीं करूंगा, पर अगर तुम्हारा फन करने का मूड है, कुछ नया करने का मूड है, तो और कुछ मत सोचो, मज़ा करो और अपने घर जाओ।कह कर उसने एक एक करके अपने सारे कपड़े उतार दिये और वो 6 फुट का गोरा चिट्टा आदमी, सर से पाँव तक सारे बदन पर गहरे बालों से भरा मेरे सामने एक दम नंगा हो गया।
मैं उसे ही देख रही थी, 7 इंच के करीब उसका लंबा मोटा लंड, जिसका गुलाबी टोपा बाहर निकला हुआ था। अभी पूरा तना नहीं था, मगर उसका आकार फिर भी बता रहा था कि मर्द दमदार है।
वो मेरे बिल्कुल पास आ कर खड़ा हो गया, इतना पास के उसका लंड मेरे कंधे को छू रहा था। उसने मेरा मुंह अपनी तरफ घुमाया, तो उसका लंड बिल्कुल मेरे मुंह के सामने था।“चूसो इसे प्रीति!” वो बोला.और उसके लंड को देख कर मेरी वासना और भड़क गई थी, मुझसे तो खुद पर काबू रखना मुश्किल हो रहा था, मैंने बिना कुछ और सोचे अपने होंठ खोले और उसके लंड का टोपा अपने मुंह में ले लिया।“इसे जीभ से चाट!” वो फिर बोला.मैंने अपनी जीभ उसके टोपे पर घुमाई। मेरे नर्म होंठों और गरम जीभ ने अपना कमाल दिखाया और उसका लंड पूरा तन कर सख्त हो गया।
अब जब उसका लंड मैंने अपने मुंह में ले ही लिया था तो फिर शर्म किस बात की थी। मैंने अपने पूरे मन से पूरी इच्छा से उसका लंड चूसना शुरू कर दिया, उसने भी मेरे सर पे, गालों पे हाथ फेरा और नीचे को झुक कर मेरे दोनों मम्मे भी दबा कर देखे। फिर मेरी ड्रेस नीचे को ही सरका कर मेरे दोनों मम्मे बाहर निकाल दिये।“अरे वाह, क्या मस्त मम्मे हैं तेरे!” कहते हुये उसने मुझे पीछे को लेटा दिया और खुद मेरे ऊपर आ चढ़ा और मेरे दोनों मम्मे अपने हाथों में पकड़ कर पहले दबाये और फिर मेरे निप्पल अपने मुंह में लेकर चूसे।
मैं भी काम की अग्नि में जल उठी, मेरे मुंह से से भी “उफ़्फ़, आह, ऊ… आह” जैसे आवाज़ें अपने आप निकलने लगी। मैंने अपने पाँव से ही अपने सेंडिल उतार दिये और अपनी दोनों टाँगें खोल दी, तो वो भी अपना हाथ मेरी स्कर्ट के अंदर डाल कर मेरी चूत की भगनासा को अपनी बड़ी उंगली से मसलने लगा। कभी वो मेरी गर्दन पे चूमता काटता, कभी मेरे मम्मे चूसता, कभी होंठ।
जहां भी अपना मुंह लगाता, मुझे अपने थूक से भिगो देता। अपनी एक उंगली उसने मेरी चूत के अंदर तक डाल रखी थी, मैंने भी उसका लंड अपने हाथ में पकड़ा हुआ था और उसे दबा रही थी। थोड़ी चूसाचासी के बाद उसने मुझे अपनी तरफ घुमाया और मेरी दोनों टाँगें पूरी तरह से खोल कर मेरी चूत पे अपना लंड रखा और अंदर ठेल दिया।
गीली चूत में उसका लंड घप्प से घुस गया और लंड को उसने एक ही बार में धकेल कर सारे का सारा अंदर घुसेड़ दिया, अब चूत गीली थी तो आराम से लंड को निगल गई, सूखी होती तो मेरी तो फट जाती।पर चलो, कोई बात नहीं।
बंदा जोशीला था, पहले दो मिनट उसने बड़े आराम से मुझे चूस चूस कर चोदा, कभी जीभ से मेरे गाल चाटता, कभी मेरे होंठ चूसता, मेरे मम्मे निचोड़ डाले, कभी अपनी जीभ मेरे मुंह में डालता, और कभी मेरी जीभ अपने मुंह में खींच लेता और चूसता।मैंने भी अपनी बाहें उसके गले में डाल रखी थी और अपनी टाँगें ऊपर हवा में उठा रखी थी।
लगातार 10 मिनट तक उसने मुझे चोदा और फिर अपने लंड के गरम माल से मेरी चूत को भर दिया। मैं भी संतुष्ट हो कर लेट गई।वो मेरे साथ ही लेटा था।2 मिनट बाद मैं उठी, तो उसने पूछा- क्या हुआ?मैंने कहा- सब कुछ तो हो चुका, अब क्या, अब मैं चली।
वो बोला- अरे अभी कहाँ, अभी तो मैंने शुरू किया है, अभी एक बार और करूंगा, तब मेरा दिल भरेगा। अभी रुक जाओ, बस अभी शुरू करते हैं।मैंने कहा- अरे नहीं, मेरा पति मुझे मार डालेगा, अगर मैं नहीं गई तो।वो बोला- नहीं मारेगा, उसका तो मेरी एस्कॉर्ट वो हाल करेगी के सुबह से पहले उठ ही नहीं पाएगा।
उसने मुझे बाजू से पकड़ कर उठाया, मेरी ड्रेस खींच कर उतार दी, मुझे बिल्कुल नंगी करके वो अपने बाथरूम में ले गया, शावर ऑन किया, ठंडे पानी में हम दोनों नहाये, नहाते हुये उसने मेरे बूब्स चूसे, मेरी चूत चाटी, मेरी गांड भी चाट गया, मेरे होंठ, गाल ठुड्डी, सब को खूब चाटा और चूसा। फिर मुझे नीचे बैठा कर अपने लंड और आँड चुसवाए। मैं उसकी हर बात मान रही थी।
नहा कर फिर बेडरूम में आए, उसने मेरा बदन पौंछा, मैंने उसका बदन पौंछा, फिर बेड पे लेट गए।इस बार हम 69 की पोजीशन में लेटे।अब किसी को कुछ कहने की ज़रूरत नहीं थी, बिना कहे उसने अगर मेरी चूत को चाटा तो मैंने भी उसके लंड को पूरे दिल से चूसा।
साले की जीभ इतनी तेज़ चलती थी कि जब मेरी चूत पे अपनी जीभ फेरता तो मेरी सिसकारियाँ निकल जाती। चाट चाट के साले ने पागल कर दिया, वो मेरी चूत में अपनी जीभ फेरता रहा और और मैं बिस्तर पे लेटी तड़प रही थी, उसके सख्त हाथ मेरे बदन को मसल रहे थे, मेरे मम्मे दबा दबा कर निचोड़े उसने, मेरी जांघों को अपनी मुट्ठियों में भर के इतने ज़ोर से भींचा कि मेरी जांघों पर उसके हाथों के निशान पड़ गए.
उसका जालिमाना तरीका मेरे काम को और भड़का रहा था। मुझे उसने इतना तड़पाया, इतना तड़पाया के उसके चाटने से ही मैं झड़ गई। जब मैं शांत हो कर लेट गई, तो उसने मेरी जांघों में से अपना सर बाहर निकाला- कैसा लगा?उसने बड़े रोआब से पूछा।मैंने कहा- मज़ा आ गया।वो बोला- असली मज़ा तो अब आएगा साली, तू देखती जा!
उसने मेरी एक टांग पकड़ी और खींच के बेड के बीच में किया, फिर बड़ी बेदर्दी से मेरी दोनों टाँगें खोल कर बीच में आ गया और अपना लंड मेरी चूत पर रखा और अंदर घुसेड़ दिया।मुझे हल्का सा दर्द हुआ- आई… उम्म्ह… अहह… हय… याह… धीरे यार!वो बोला- अब कोई धीरे या आराम से नहीं, अब तो तेरी टिका के माँ चोदूँगा।मुझे सेक्स के दौरान गाली खाना अच्छा लगता है, इस लिए मुझे कोई बुरा नहीं लगा के उसने मेरी माँ को गाली दी।
उसने अपना पूरा लंड मेरी चूत में डाल दिया और लगा पेलने… कितनी देर वो मुझे लगातार पेलता रहा। पहले तो मुझे थोड़ा थोड़ा दर्द सा हो रहा था मगर थोड़ी देर की चुदाई के बाद मुझे भी अच्छा लगने लगा। मेरी चूत ने फिर से पानी छोड़ा और मैं फिर से मज़ा लेने लगी।
इस बार मैंने भी उसे गाली दी और जोश दिलाया- क्या मरियल की तरह चोद रहा है बे, इतनी शानदार औरत तेरे नीचे नंगी पड़ी है, और तू साला चूतिया उसे ढंग से चोद भी नहीं पा रहा है, अगर लौड़े में दम नहीं था, तो पंगा ज़रूरी लेना था।मेरी बात उसे चुभ गई, वो ज़ोर ज़ोर से चोद कर बोला- साली छिनाल, कुतिया, मुझे ढीला बोलती है, अभी तेरी गांड फाड़ता हूँ, साली तू भी क्या याद रखेगी, किस से पाला पड़ा था।
मैंने भी कहा- अरे जा, मैंने तो हबशी का इतना लंबा और मोटा लंड लिया है, तेरे पास तो है ही क्या, भोंसड़ी के?मेरी बातें उसे अंदर तक काट रही थी इसीलिए उसकी चुदाई और वहशी होती जा रही थी, उसने मेरे चेहरे पे भी काट लिया, मेरे बाल खींचे, मेरे चूतड़ मार मार के लाल कर दिये, मेरी जांघों और पीठ पर बहुत बार उसने मारा और मांस को भींचा।
जितना मैं उसको जोश दिलाती उतना वो और ज़ालिम होता, उतनी और ज़ोर से वो अपना लंड मेरी चूत में मारता। बेशक मुझे दर्द होता, पर मुझे इस सब में मज़ा भी बहुत आ रहा था।
इस बार हमारी चुदाई लंबी चली, करीब 20-22 मिनट… इस दौरान उसने मुझे नीचे लेटा कर, घोड़ी बना कर ऊपर बैठा कर हर तरह से चोदा। चोदा कम पीटा ज़्यादा… मगर मेरी पूरी तसल्ली करवा दी।एक बार फिर उसने अपने गरम वीर्य से मेरी चूत को भर दिया। मेरे दोनों मम्मे उसके दोनों हाथों में जकड़े हुये थे और उसने अपनी पूरी ताकत से वो आखरी धक्के लगाए, इतने ज़ोर से कि मेरी कमर और चूत दोनों दुखने लगे, मगर मैं फिर भी संतुष्ट थी, इतना ज़ुल्म सह कर भी!
एक 6 फीट के जवान ने अपनी पूरी ताकत लगा दी एक औरत को मसल देने में मगर मैं फिर भी ज़िंदा थी, खुश थी, तृप्त थी।
वो मेरे पास ही लेट गया- तू तो साली बड़ी दमदार है, इतना कुछ बर्दाश्त कर गई, मेरी बीवी तो इसका 10 परसेंट भी नहीं सह पाती और रोने लगती है। न कोई रंडी इतनी झेलती है, वो भी कहती है, ढंग से करना है तो करो वरना रहने दो। मगर तू तो साली मुझे और जोश दिला रही थी। चीज़ क्या है तू!
मैंने उसके साथ लिपटते हुये कहा- मैं वो चीज़ हूँ के अगर तू दो बार और मेरे साथ ये सब करना चाहे तो मैं तुझे रोकूँगी नहीं!मैंने उससे कहा।“तेरी माँ की आँख, साली ऐसा क्या खाती है?” वो हैरान हो कर बोला।मैंने कहा- बस कुछ नहीं, तुम जैसों को ही खाती हूँ।“किस किस से चुदवाया है साली?” वो बोला.मैंने कहा- जिस से भी मेरा दिल किया, मैंने उसे पूरा मौका दिया है।वो बोला- तो फिर मिलोगी?मैंने कहा- हाँ, ज़रूर, मुझे भी तुमसे चुदवा कर बहुत मज़ा आया, हम ज़रूर फिर से मिलेंगे।
मैं उठी और बाथरूम में जाकर फ्रेश होकर वापिस आई और अपनी ड्रेस पहन कर फिर से तैयार होकर नीचे डिस्को में चली गई।मेरे पति और गुप्ता जी अभी तक नहीं आए थे।
थोड़ी देर में रमेश भी आ गया और मेरे पास ही बैठ गया, हम दोनों ने एक एक ड्रिंक और ऑर्डर की।करीब 15-20 मिनट बाद मेरे पति और गुप्ता जी वापिस आए। मैंने अपने पति से फालतू की शिकायत की- अरे यार, कहाँ चले गए थे, मैं कब से तुम्हारी वेट कर रही थी।मेरे पति शरारती हंसी हंस कर बोले- क्यों, रमेश ने तुम्हारा ठीक से खयाल नहीं रखा क्या?और उसके बाद कुछ और बैठ कर बातें करते रह और फिर हम लोग वापिस अपने घर आ गए।
घर आकर जब मैंने बाथरूम में शीशे में अपना बदन देखा तो मेरा सारा बदन लाल लाल दागों से भरा पड़ा था, जैसे 4-5 लोगों ने मेरे बेदर्दी से बलात्कार किया हो। मगर मैं नहाकर नाईटी पहन कर वापिस आई और बेड पे लेट गई।मेरे पति ने मेरी जांघ पे हाथ फेरा और मुझे सेक्स के लिए इशारा किया मगर मैं तो निचुड़ी पड़ी थी, मैंने थकावट का बहाना करके मना कर दिया और सो गई।
मगर यह कैज़ुअल सेक्स मुझे हमेशा याद रहेगा।
आप सब मेल करके मुझे बताये मेरी कहानी आप सबको कैसी लगी. मैं आपके मेल का इंतजार करुँगी.
[email protected]

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